डायबिटीज़ के घरेलू उपचार

हमारे समाज में डायबिटीज़ के बारे में आम धारणा है कि यह बीमारी मीठा खाने से होती
है जबकि कभी कभी मीठा खाना भी इसका एक कारन तो बन सकता है मगर हर बार यह
इसी कारन से  हो ऐसा भी नहीं है. ये बीमारी शरीर में उपलब्ध इन्सुलिन नामक हार्मोन्स
में कमी के कारन होती है. या कभी कभी शरीर में इस  हार्मोन्स के असन्तुलन अथवा
 इसके कार्य करने की छमता में कमी आ जाने के कारन होती है आपने सुना या देखा
होगा कि इस बीमारी के मरीज को इन्सुलिन का इंजेक्शन दिया जाता है ताकि उसके
ब्लड शुगर का लेवल सामान्य हो जाए मगर इससे मरीज को राहत तो दी जा सकती है
  लेकिन  आप इन्सुलिन पर ज्यादा निर्भर ना रहें.

सूर्य-स्नान मौसमी विकार से निपटने और ख़ुशी महसूस करने के लिएः अध्ययन।

क्यूंकि ये इन्सुलिन डायबिटीज़ से भी ज्यादा खराब है इसके साइड इफ़्फ़ेक्ट बहुत हैं.
मगर वहीँ आप इस बीमारी में जब आयुर्वेद या घरेलु उपचार का सहारा लेंगे तो आप
फिर से बिलकुल स्वस्थ्य हो सकते हैं तो आइये आपको बताते है ये घरेलु नुश्खे –
क्या है? जिनका प्रयोग कर आप डायबिटीज़ जैसी बीमारी से आसानी से बिलकुल
ठीक हो जाएंगे!

 

100 ग्राम (मेथी का दाना )ले ले इसे धूप मे सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका
पाउडर बना लें 100 ग्राम (तेज पत्ता ) लेलें इसे भी धूप मे सूखा कर पत्थर पर
पीस कर इसका पाउडर बना लें  150 ग्राम (जामुन की गुठली )लेलें इसे भी धूप मे
सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका पाउडर बना लें 250 ग्राम (बेलपत्र के पत्ते )
लेलें इसे भी धूप मे सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका पाउडर बना लें

 

तो मेथी का दाना – 100 ग्राम, तेज पत्ता ——- 100 ग्राम, जामुन की गुठली
-150 ग्राम, बेलपत्र के  पत्ते – 250 ग्राम, इन सबका पाउडर बनाकर इन सबको
एक दूसरे मे मिला लें,  और इस तरह से अब आपका दवा तैयार है .

 

इसे सुबह -शाम (खाली पेट ) 1 से डेढ़ चम्मच से खाना खाने से एक घण्टा पहले
गरम पानी के साथ लें . 2 से 3 महीने लगातार इसका सेवन करें ,
(सुबह उठे पेट साफ करने के बाद ले लीजिये )

 

सावधानियाँ – चीनी का प्रयोग कभी ना करें  गुड़ खाये , फल खाये, एक धागे वाली
मिश्री आती है उसका प्रयोग कर सकते है भगवान की बनाई गई  मीठी चीजे खा
सकते हैं , रात का खाना सर्यास्त के पूर्व करना होगा , मतलब सूर्य अस्त के बाद
भोजन ना करें ऐसी चीजे ज्यादा खाए जिसमे फाइबर हो रेशे ज्यादा हो,
High Fiber Low Fat Diet घी तेल वाली डायेट कम हो और फाइबर
वाली ज्यादा हो रेशेदार चीजे ज्यादा खाए। सब्जिया में बहुत रेशे है वो खाए,
डाल जो छिलके वाली हो वो खाए, मोटा अनाज ज्यादा खाए, फल ऐसी खाए
जिनमे रेशा बहुत है ।

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