हिन्दू पाकिस्तान या मुस्लिम हिन्दुस्तान

सामयिकी

कांग्रेस के प्रमुख नेता शशि थरूर ने आशंका व्यक्त की है कि यदि Modi Government फिर से सत्ता में आ गयी तो हिन्दूओ के पक्ष में संविधान में मनमाने बदलाव किये जा सकते हैं। यह भी खतरा है कि भारत हिन्दू पाकिस्तान के रूप मे विख्यात हो जाये।
पिछले 70 वर्षो से जो सरकार चल रही थी यदि उस समय के देश को मुस्लिम हिन्दुस्तान का नाम दिया जाये तो शशि थरूर की आशंका गलत नही है। पिछली सरकार के समय मुसलमानो को एक से अधिक विवाह महिला उत्पीडन स्वैच्छिक तलाक तथा अल्प संख्यक के रूप मे ऐसे विशेष अधिकार दिये गये थे जो बहुसंख्यको को प्राप्त नहीं थे । अल्प संख्यक और पिछली सरकार के बीच एक ऐसा अघोशित समझौता था जिसे हम मुस्लिम हिन्दुस्तान का नाम दे सकते हैं। संविधान संशोधन का अंतिम अधिकार उस राजनैतिक व्यवस्था के पास रिजर्व था। एकाएक सत्ता बदली और संविधान संशोधन का अधिकार उस राजनैतिक व्यवस्था के पास आ गया जिसमे हिन्दूओं के विशेष प्रभाव की संभावना है। प्रश्न उठता है कि यदि संविधान में मनमाना बदलाव करके आप हिन्दूओं को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाकर रख सकते हैं तो उस संविधान में स्वैच्छिक तरीके से बदलाव करके मुसलमानो को दूसरे दर्जे का नागरिक बना दिया जाय तो पिछली व्यवस्था कैसे आपत्ति कर सकती है। आपने संविधान संशोधन करके मुसलमानो को चार शादी की छूट दी । यदि कोई सरकार संविधान संशोधन करके मुसलमानो की एक से अधिक शादी पर रोक लगाकर हिन्दूओं को चार शादी की छूट दे दे तो आपको विरोध करने का क्या अधिकार हैं? आपने 70 वर्षों तक जिस संविधान का संवैधानिक तरीके से दुरूपयोग किया अब उसके संभावित दुरूपयोग को लेकर शोर करना आपको मंहगा पड़ सकता है। पूर्व उप राष्ट्रपति हामीद अंसारी, शरद यादव सहित कुछ अन्य लोगो ने भी चिंता व्यक्त की है। मुझे लगता है कि ऐसे, साम्प्रदायिकता के लिये बदनाम लोग, यदि सामने आकर बोलेंगे तो उससे हिन्दु मुसलमान का ध्रुवीकरण और मजबूत होता जायेगा।
भारत में 70 वर्षो से संविधान का शासन है। संविधान तंत्र की कठपुतली है। तंत्र न्याय और संविधान के बीच संविधान को उपर मानता है। जब तक संविधान तंत्र का गुलाम रहेगा तब तक यह खतरा बना ही रहेगा। जिन लोगो ने 70 वर्षों तक न्याय की तुलना में संविधान को सर्वोच्च बताकर उसका दुरूपयोग किया उन्हे तो कम से कम अवश्य ही चुप रहना चाहिये । हम जैसे जिन लोगो ने उस समय भी संविधान के दुरूपयोग को लेकर के विरोध किया था वैसे लोग भविष्य में भी ऐसे दुरूपयोग का विरोध करते रहेंगे। चाहे वह दुरूपयोग पिछली सरकार ने मुस्लिम हिन्दूस्तान बनाने के लिये किया था अथवा हिन्दू पाकिस्तान बनाने के लिये अगली सरकार कर सकती है। हमारा तो विरोध उचित और स्वाभाविक है किन्तु हम फिर से उस कालखंड की कल्पना नहीं कर सकते जिसमे मुस्लिम हिन्दूस्तान के रूप में 70 वर्ष हमने बिताये है। एक बार 70 वर्षों तक संविधान का दुरूपयोग करने वालों को सबक मिलना ही चाहिये। भविष्य में जब खतरा आयेगा तो हम जैसे लोग विरोध करने मे पीछे नही रहेंगे।

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