सूर्य-स्नान मौसमी विकार से निपटने और ख़ुशी महसूस करने के लिएः अध्ययन।

अमेरिका के ब्रिघम यंग विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं ने एक नए अध्ययन में पाया है
कि परिवर्तनशील मौसम में सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच की अवधि मानसिक और
भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है।sun bath study
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शोधकर्ताओं ने कहा सूर्य स्नान सिर्फ एक मौसमी विकार का निदान नहीं है बल्कि यह
बड़े पैमाने पर नैदानिक आबादी के लिए लागू होता है इससे कुछ समय में हम अपने
स्वास्थ्य संकट का हल कर सकते हैं।
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नैदानिक प्रोफेसर और BYU परामर्श और
मनोवैज्ञानिक सेवा मे मनोवैज्ञानिक मार्क बीचर ने कहा कि यहीं कारण है कि हमारे
शोध आश्चर्य की बात में से एक है।sun bath study
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एक बरसात के दिन में या एक अधिक प्रदूषित दिन में लोगों को लगता है कि उन्हें
और अधिक संकट होगा। लेकिन हम यह नहीं देखते हैें कि बारिश के दिन, प्रदूषण
या सौर विकिरण से अथवा सूर्य के प्रकाश से वास्तव में जमीन गर्म है हमने इसे
बादल के दिन के खाते में लेने की कोशिश की।
सूर्य-ंस्नान मौसमी विकार से निपटने के और ख़ुशी महसूस करने के लिएः अध्ययन।सूर्य-ंस्नान मौसमी विकार से निपटने के और ख़ुशी महसूस करने के लिएः अध्ययन।
बीचर ने कहा एक बात है जो वास्तव में महत्वपूर्ण था सूर्योदय और सूर्यास्त के
समय के बीच की अवधि। शोधकर्ताओं ने कहा कि चिकित्सक को पता है कि
उनकी सेवाओं के लिए उच्च मांग का एक समय होना चाहिए। उन्होंने कहा
रोधात्मक उपायों में एक मामला-दर-मामला आधार पर लागू किया जाना
चाहिए, सूरज के साथ कम समय रहने पर मुवक्किल विशेष रूप से भावनात्मक
चपेट में होगा। अध्ययन उत्तेजित विकार के जर्नल में प्रकाशित हुआ था।sun bath study

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